मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- आमस थाना क्षेत्र के कोमलखाप गांव में 17 मार्च की रात अज्ञात चोरों ने तीन अलग-अलग घरों में सेंधमारी की।
- पीड़ितों के अनुसार, कुल मिलाकर करीब 4.28 लाख रुपये के आभूषण और 2.04 लाख रुपये से अधिक की नकदी चोरी हुई है।
- पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
पूरी रिपोर्ट: कोमलखाप गांव में चोरों का आतंक
गया (बिहार): जिले के आमस थाना अंतर्गत कोमलखाप गांव में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। दिनांक 17 मार्च 2026 की मध्यरात्रि को अज्ञात चोरों ने एक ही गांव के तीन घरों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी तब हुई जब पीड़ित परिवार सुबह सोकर जगे और घर का सारा सामान बिखरा हुआ पाया। इस संबंध में योगेन्द्र यादव द्वारा आमस थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
एक के बाद एक तीन घरों में सेंधमारी
प्राथमिकी के अनुसार, चोरों ने सबसे पहले योगेन्द्र यादव के घर में प्रवेश किया, जहाँ से 38,000 रुपये नकद और करीब 1.70 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात (मंगलसूत्र, कान की बाली, टॉप्स और पायल) चोरी कर लिए गए।
इसके ठीक बाद, वहां से महज 30 मीटर की दूरी पर स्थित धनेश्वरी देवी के घर को निशाना बनाया गया। धनेश्वरी देवी के घर से चोरों ने 1.5 लाख रुपये नकद और लगभग 1.5 लाख रुपये मूल्य के सोने के चेन, अंगूठी, मंगलसूत्र और चांदी के अन्य आभूषण पार कर दिए। तीसरी घटना ममता देवी के घर हुई, जो योगेन्द्र यादव के घर से लगभग 50 मीटर की दूरी पर है। उनके घर से 16,000 रुपये नकद और 1.08 लाख रुपये के सोने के कंगन, झुमका और चांदी की बिछिया चोरी होने की सूचना है।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
पीड़ितों की शिकायत पर आमस पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 103/26 दर्ज कर ली है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है:
- धारा 331(4): गृह-अतिचार या घर में जबरन प्रवेश से संबंधित।
- धारा 305: चोरी (Theft) के अपराध से संबंधित।
थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सहायक उप-निरीक्षक (ASI) बजरंगी सिंह को इस मामले का अनुसंधान अधिकारी (IO) नियुक्त किया गया है। पुलिस संदिग्धों की पहचान के लिए स्थानीय स्तर पर साक्ष्य जुटा रही है।
निष्कर्ष:
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है। कानून के अनुसार, जब तक दोष सिद्ध न हो जाए, तब तक किसी भी संदिग्ध को दोषी नहीं माना जा सकता।
डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक पुलिस प्राथमिकी (FIR) में दी गई जानकारी पर आधारित है।











