वज्रपात से सुरक्षा के लिए पंचायतों में लगेंगे हूटर और सायरन, जिला स्तर पर तैयार होगा हीट वेव मिटिगेशन प्लान।
गया | 14 मार्च, 2026
गया जिले में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए लू (Heatwave), अग्निकांड और आकाशीय बिजली (वज्रपात) जैसी आपदाओं से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के सदस्य श्री पी. एन. राय और जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में इन आपदाओं की रोकथाम हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में वज्रपात से 29 लोगों की जान गई थी। इसे देखते हुए अब पंचायतों में हूटर और सायरन लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही, ग्रामीणों को सचेत करने के लिए ‘दामिनी’ और ‘सचेत’ जैसे मोबाइल ऐप्स के व्यापक उपयोग पर बल दिया गया है ताकि अर्ली वार्निंग सिस्टम को मजबूत किया जा सके।
बढ़ती गर्मी और लू से निपटने के लिए जिला प्रशासन एक विस्तृत ‘हीट वेव मिटिगेशन प्लान’ तैयार कर रहा है। इसके तहत भवन उपविधियों (Building By-Laws) की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में बनने वाले निर्माण गर्मी के प्रभाव को कम करने में सक्षम हों।
अग्निकांड की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए अग्निशमन वाहनों में जीपीएस (GPS) प्रणाली लगाने और संवेदनशील पंचायतों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, स्कूलों में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिला प्रशासन के अनुसार, सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ एक समयबद्ध कार्ययोजना पर काम करने का निर्देश दिया गया है, ताकि संभावित जोखिमों को न्यूनतम किया जा सके। फिलहाल, एसडीआरएफ द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।












