साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई: “म्यूल अकाउंट” के खिलाफ चरणबद्ध अभियान

बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने राज्य में साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए "साइबर प्रहार 2.0" अभियान चलाया है। इस अभियान में अब तक 141 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो म्यूल अकाउंट और फर्जी सिम के धंधे में लिप्त थे।

बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने के लिए “साइबर प्रहार 2.0” अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से म्यूल अकाउंट और फर्जी सिम विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

पटना | 12 मार्च

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना द्वारा शुरू किए गए इस अभियान में अब तक 1216 म्यूल अकाउंट्स को निशाना बनाया गया है। जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी आम लोगों को बहकाकर या झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाते हैं, जिनका इस्तेमाल वे धोखाधड़ी के पैसों के लेन-देन के लिए करते हैं। इन खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है।

साइबर प्रहार 2.0 अभियान के तहत, पुलिस ने बैंकों के कर्मचारियों से मिलकर काम किया और राज्य के विभिन्न जिलों में 141 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में कुल 86 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। फरवरी 2026 तक सभी जिलों में यह अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के मुख्य बिंदु:

  • फरवरी 2026 तक “साइबर प्रहार 2.0” अभियान पूरे बिहार में चलाया जाएगा, जिसमें धोखाधड़ी की लगभग 01 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 1272 शिकायतों की जांच की गई, जिनमें से 72 करोड़ रुपये से अधिक की राशि साइबर धोखाधड़ी से संबंधित थी।
  • भोजपुर जिले में एक अभियुक्त की गिरफ्तारी हुई, जिसने फर्जी बैंक खाते खोलने के लिए बैंक कर्मचारियों के साथ मिलीभगत की थी। छापेमारी में 05 ATM कार्ड और 14 सिम कार्ड जब्त किए गए।
  • भागलपुर पुलिस ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभार्थियों के खातों से पैसे निकालने वाले 05 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम का उपयोग किया था।
  • मोतिहारी जिले में 12 प्राथमिकी दर्ज की गई और 30 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, भागलपुर में 14, औरंगाबाद में 08 और मधुबनी में 09 अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
  • कुछ मामलों में बैंकों के कर्मचारियों की लापरवाही और मिलीभगत के भी सबूत मिले हैं। उत्कर्ष फाइनेंस बैंक के कर्मचारियों की इस अभियान के तहत गिरफ्तारी भी हुई है।

“साइबर प्रहार 2.0” के अगले चरण में, राज्य भर में 100 से अधिक फर्जी सिम विक्रेताओं की पहचान की गई है, जिनके सिम कार्ड का उपयोग पूरे देश में साइबर अपराधों के लिए किया गया है।

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Sonu Kumar  के बारे में
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