गया जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने टनकुप्पा प्रखंड के मायापुर पंचायत स्थित बिहार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन मिलेट्स (COE) का विस्तृत निरीक्षण किया। 56 एकड़ में फैले इस संस्थान को फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।
गया | 10 मार्च
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस केंद्र की स्थापना चतुर्थ कृषि रोड मैप (2023-28) के तहत की जा रही है। इसके लिए हैदराबाद स्थित ‘इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स’ (ICRISAT) से तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।
संस्थान के बुनियादी ढांचे की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रशासनिक-सह-प्रशिक्षण भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में है। इस परिसर में वैज्ञानिकों के लिए कक्ष, किसानों के ठहरने की व्यवस्था, आधुनिक प्रशिक्षण हॉल, कैंटीन, रिसर्च लैब और जर्म प्लाज्म स्टोरेज जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
परिसर के 40 एकड़ से अधिक के क्षेत्रफल में वर्तमान में खेती की जा रही है। जल संचयन और प्रबंधन के लिए यहाँ दो तालाब और एक आहर मौजूद है। इसके अलावा 3000 मीटर लंबी चहारदीवारी, एक थ्रेसिंग फ्लोर और कंपोस्टिंग यूनिट का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
बेहतर प्रबंधन के लिए पूरे प्रक्षेत्र को पांच ब्लॉक (A, B, C, D और E) में बांटा गया है। ब्लॉक A में प्रक्षेत्र प्रदर्शन (Field Demonstration) लगाया गया है, जबकि ब्लॉक B और C को शोध कार्यों के लिए रखा गया है। वहीं, ब्लॉक D और E का उपयोग बीज उत्पादन के लिए किया जा रहा है।
केंद्र पर आधुनिक खेती के लिए उन्नत मशीनें उपलब्ध हैं, जिनमें भारी क्षमता वाले ट्रैक्टर, लैंड लेजर लेवलर, मिलेट मल्टी क्रॉप रेज्ड बेड प्लांटर और जीरो टिलेज मशीनें शामिल हैं। इन मशीनों के सुरक्षित रखरखाव के लिए एक विशेष मशीनरी शेड भी बनाया गया है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रक्षेत्र के भीतर की सड़कों और पगडंडियों का समतलीकरण कराया जाए। साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर निर्माणाधीन नाली और गलियों के काम में तेजी लाकर उसे जल्द पूर्ण करने को कहा।
इस निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।












